Thursday, January 30, 2014

ढेड़

ढेड़  -  यह 'थेर ' शब्द का बिगड़ा हुआ रूप बताया जाता है। बौद्ध भिक्षुओं के प्रति हिंदुओं की घृणा सर्वविदित है। 'थेर' का मतलब बौद्ध भिक्षु है। 'महाथेर' उस भिक्षु को कहते हैं जिस थेर (भिक्षु ) ने 20 वर्ष पूर्ण कर लिए हो।  महाराष्ट्र, गुजरात,राजस्थान, हरियाणा, उत्तर-प्रदेश और मध्य-प्रदेश में चमार, महार, खटिक, कंजर(गिहारा), रैगड़, बलई  आदि जातियों के लोगों को हिन्दू घृणा से 'ढेड' कह कर पुकारते है।

भंगी - 'भंगी' का अर्थ उससे हैं जिसक मान -सम्मान भंग कर दिया हो। मैला साफ करने /फेंकने वाली जाति को हिन्दू  'भंगी' कहते हैं।

चूहड़ा - 'चूहड़ा'  वास्तव में 'चुडा' का बिगड़ा हुआ रूप है जिसका अर्थ चुरा (भंग) करना है अर्थात जिनका मान -सम्मान भंग कर दिया गया हो। पंजाब में 'भंगी' को हिन्दू  'चूहड़ा' कह कर पुकारते हैं।

वाल्मीकि - यह पंजाब के गाँधीवादी हिन्दुओं द्वारा 'भंगियों' को दिया गया दूसरा नाम है। चूँकि  'चुह्डा' काफी घृणा  फैला चूका है अत: गाँधीवादी हिन्दुओं ने 'भंगियों पर 'वाल्मीकि'  नाम का नया लेबल लगा कर अपने 'पाप' को धोने की कोशिश की। वास्तव में, हिन्दुओं का यह प्रयास वाल्मीकि जाति को रामायण से जोड़ने का था।
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 स्रोत : 'महान दलित क्रन्तिकारी योद्धा मातादीन' लेखक सूरजपाल चौहान के प्रकाशकीय (शांति स्वरुप बौद्ध) से 

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