Wednesday, March 31, 2021

बेशर्म

द्वि बारं, ति-बारं  ताळनं सुनखस्स, चजति ते त्वं द्वारं 

बारम्बारं ताळनं पि दलित जना, न चजन्ति ते मन्दिरस्स द्वारं 

दो बार, तीन बार  कुत्ते को मारना, वह तुम्हारा दरवाजा छोड़ देता है 

किन्तु बारम्बार प्रताड़ित होकर भी दलित, मंदिर का दरवाजा नहीं छोड़ते.

अम्बेडकरस्स पञ्चसीलं

अम्बेडकरस्स पञ्चसीलं

(अम्बेडकर के पञ्चसील) 

1. असिक्खितानं सिक्खितं करनं. 

(अक्षिशितों को शिक्षित करना) 

2. सिक्खितानं सुसिक्खितं करनं.

(शिक्षितों को सुशिक्षित करना)  

3. सुसिक्खितानं संखारितं करनं.
(सुशिक्षितों को संस्कारित करना)

4. संखारितानं सुसंखारितं करनं.
(संस्कारित को सुसंस्कारित करना)

5. सुसंखारितानं देसस्स सासका करनं.
(सुसंस्कारित को देश का शासक करना)

अम्बेडकरवादं


अम्बेडकरवादं

नग्गं दिस्वा

नंगे को देखकर 

चजनं अत्तानि वत्थानि 

अपने कपड़े त्यागना 

इति गांधीवादं, 

यह गांधीवाद है, 

पन, नग्गं दिस्वा

किन्तु, नंगे को देखकर 

तं 'टाई-सूट' धारनं

उसे 'टाई-सूट' पहनाना

अयं अम्बेडकरवादं.

यह अम्बेडकरवाद है.

भारतीय परिधानं

 भारतीय परिधानं

भारते, जना नाना
परिधानानि धारेन्ति।
धारन्तते परिधानानि
ते नाना उय्यानानं
पुप्फानं इव दिस्सन्ति।
तेलगु महोदयो 'लुंगी' धारेन्ति
बंगाली महोदयो 'धोती' धारेन्ति
महरट्ठी महिला 'साड़ी' धारेन्ति
अधुना बालक बालिकायो
'शर्ट पेन्ट' धारेन्ति।
बुद्ध अनुयायियो
सेत वत्थानि धारेन्ति।
नीलं परिधानं पि
बहुजनानि सोभन्ति।
बहुवो भारतीय महिलायो
साटिकायो धारेन्ति
नवं वा परम्परागतं
इमेसु परिधानेसु
भारतीय जना
बहु सुन्दरा दिस्सन्ति।
सम्पूण्ण विस्से
भारतीय परिधानस्स
महत्ता अत्थि
परिधानं विपणने पि
भारतीय परिधानस्स
सेट्ठता अत्थि
मयं, भारतीयं
भारतीय परिधानस्स
अम्हे गारवो।

Monday, March 29, 2021

सर्व-ग्राह्यता

सर्व-ग्राह्यता 

पडोसी मित्र शर्माजी, जो एक मंजे हुए लेखक और साहित्यकार है, के यहाँ बैठा मैं चाय पी रहा था. 

अचानक पुस्तकों की रेक में 'धम्मपद' देख मैंने पूछा-

"तो फिर इन ग्रंथों के बीच डॉ. अम्बेडकर लिखित 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' भी होगा ?"

"जी नहीं, 'धम्मपद' जितनी सर्व-ग्राह्यता अभी उसमें आना बाकि है."