द्वि बारं, ति-बारं ताळनं सुनखस्स, चजति ते त्वं द्वारं
बारम्बारं ताळनं पि दलित जना, न चजन्ति ते मन्दिरस्स द्वारं
दो बार, तीन बार कुत्ते को मारना, वह तुम्हारा दरवाजा छोड़ देता है
किन्तु बारम्बार प्रताड़ित होकर भी दलित, मंदिर का दरवाजा नहीं छोड़ते.
द्वि बारं, ति-बारं ताळनं सुनखस्स, चजति ते त्वं द्वारं
बारम्बारं ताळनं पि दलित जना, न चजन्ति ते मन्दिरस्स द्वारं
दो बार, तीन बार कुत्ते को मारना, वह तुम्हारा दरवाजा छोड़ देता है
किन्तु बारम्बार प्रताड़ित होकर भी दलित, मंदिर का दरवाजा नहीं छोड़ते.
अम्बेडकरस्स पञ्चसीलं
(अम्बेडकर के पञ्चसील)
1. असिक्खितानं सिक्खितं करनं.
(अक्षिशितों को शिक्षित करना)
2. सिक्खितानं सुसिक्खितं करनं.
(शिक्षितों को सुशिक्षित करना)
अम्बेडकरवादं
नग्गं दिस्वा
नंगे को देखकर
चजनं अत्तानि वत्थानि
अपने कपड़े त्यागना
इति गांधीवादं,
यह गांधीवाद है,
पन, नग्गं दिस्वा
किन्तु, नंगे को देखकर
तं 'टाई-सूट' धारनं
उसे 'टाई-सूट' पहनाना
अयं अम्बेडकरवादं.
यह अम्बेडकरवाद है.
भारतीय परिधानं
सर्व-ग्राह्यता
पडोसी मित्र शर्माजी, जो एक मंजे हुए लेखक और साहित्यकार है, के यहाँ बैठा मैं चाय पी रहा था.
अचानक पुस्तकों की रेक में 'धम्मपद' देख मैंने पूछा-
"तो फिर इन ग्रंथों के बीच डॉ. अम्बेडकर लिखित 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' भी होगा ?"
"जी नहीं, 'धम्मपद' जितनी सर्व-ग्राह्यता अभी उसमें आना बाकि है."