Monday, October 5, 2020

 अरहन्त

'धम्मपद गाथा और कथा' में  दिल्ली विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग के रीडर डॉ. संघसेन लिखते हैं- 

ब्राह्मण वग्ग में ब्राह्मण शब्द को पारिभाषिक पद के रूप में व्याख्यायित किया गया है . पुरे वग्ग में ब्राह्मण शब्द एक-दो स्थानों को छोड़ कर सर्वत्र ' अरहन्त के रूप में प्रयुक्त किया गया है. 

अरहन्त पद (स्थान)  बौद्ध धर्म में उच्चत्तम पद है, निब्बान है. मोक्ष है (प्राक्कथन). 

1.  येसं रागो च दोसो च, अविज्जा च विराजिता 

खीणासवा अरहन्तो, तेसं विजटिता जटा. जटा सुत्त: संयुत्त निकाय 

2. परित्राण सुत्त में भी 'अरहन्त'  उच्चतम पद है- 

सब्बे बुद्धा बलप्पत्ता, पच्चेकानं च यं बलं 

 अरहन्तानं च तेजेन, रक्ख बन्धामि सब्बसो.

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